A place were we transforming dreams into reality

मैं ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में आने से पहले अक्सर यह सोचा करता था मैं क्या कर रहा हूं फिर मेरी जिंदगी में एक मोड़ अयाऔर मुझे अपने भविष्य पर सोचने को मजबूर कर दिया और फिर मैंने बहुत गहन आत्म चिंतन किया क्योंकि आत्म चिंतन के बिना आध्यात्मिक क्षेत्र में मंजिल तय नहीं होती और इस तरह मैं ग्राफिक एरा में अपनी मंजिल की तलाश में आया जो कि अब साकार होती हुए दिखाई दे रहा है. जीवन के फैसले का मूल्यांकन करने के भिन्न-भिन्न तरीके होते हैं ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के कोर्स मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन  तय करने के समय मेरे मन में भी ऐसे सवाल आए थे परंतु भावना और भावनाओं में बहने में अंतर होता है .देहरादून में तमाम विश्वविद्यालय में मास कम्युनिकेशन है परंतु जो सुविधा और सुव्यवस्थित ढांचा यहां पर है वह किसी और विश्वविद्यालय में नहीं है हवा में महल तो सब कोई बना लेता है परंतु  भूस्थल पर काम करने में बहुत मुश्किल होता है . ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में ऐसा कुछ नहीं है जो छात्र यहां पर अपने सपनों को लेकर आता है वह हकीकत में जरूर परिवर्तित होता है तभी तो  इस विश्वविद्यालय को  बोला जाता है (graphic era hill university transforming dreams into reality ).

मीडिया मास कम्युनिकेशन एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां आपको सफलता की कुंजी जरूर मिलती है बस आपके अंदर लगन निष्ठा और जज्बा होना  चाहिए..
 इस यूनिवर्सिटी   के मीडिया विभाग के अध्यापक अध्यापिका छात्र छात्राओं को  केवल किताबी दुनिया की शिक्षा में ही नहीं जकड़े रहते हैं इसके अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को समय-समय पर यह  इवेंट,प्रैक्टिकल रिपोर्टिंग आदि जैसे क्षेत्र में प्रतिभाग कराने का अवसर प्राप्त कर आते रहते हैं जिससे कि छात्र छात्राओं को  एक ऐसा मंच मिलता है जहां वह खुद को निखार सकते हैं|.
 यहां से मास कम्युनिकेशन के अध्यापक अध्यापिका बहुत ही अनुभवी हैं और सबसे बड़ी बात यह विभाग डॉक्टर प्रोफेसर सुभाष गुप्ता की छत्रछाया में चलता है (जो कि  वह खुद मीडिया जगत से आते हैं और उनकी काफी अच्छी पकड़ है) .  और यह बात मेरे साथ उन सभी छात्र छात्राओं के लिए बहुत ही सौभाग्यशाली है जिनको इस विभागीय में शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिला |
ग्राफिक एरा हिल युनिवर्सिटी में मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन विगत 7 वर्षों से अपने सुचारु रुप से चलती आ रही है हर साल इस विभाग से तमाम से बच्चे अपने सपनों को सच करके निकलते हैं वह आज हर क्षेत्र में अपना और विश्व विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं |  जोकि अपने आप में गौरवान्वित महसूस कराती है |.
 मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन के छात्र छात्राओं के लिए यहां पर समय समय पर अतिथि शिक्षक को बुलाया जाता है |
 जिससे कि उन्हें काफी अनुभव प्राप्त होता है इसके अलावा  विभिन्न क्षेत्रों से संगोष्ठी भी कराई जाती  है जो कि छात्र छात्राओं को काफी लाभदायक साबित होता है और उनके भविष्य में काम आता है  छात्र-छात्राओं के अनुभव के लिए संगोष्ठी में प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक को बुलाया जाता है | इस साल विश्वविद्यालय ने एक नया इतिहास बनाया जब खुद उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर  माननीय प्रेम चंद्र अग्रवाल ने संगोष्ठी में शिरकत किया और छात्र छात्राओं से रूबरू हुए जो कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था पूरे देश में .
 जिससे कि उन्हें काफी अनुभव प्राप्त होता है इसके अलावा  विभिन्न क्षेत्रों से संगोष्ठी भी कराई जाती  है जो कि छात्र छात्राओं को काफी लाभदायक साबित होता है और उनके भविष्य में काम आता है  छात्र-छात्राओं के अनुभव के लिए संगोष्ठी में प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक को बुलाया जाता है |  इस साल विश्वविद्यालय ने एक नया इतिहास बनाया जब खुद उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर  माननीय प्रेम चंद्र अग्रवाल ने संगोष्ठी में शिरकत किया और छात्र छात्राओं से रूबरू हुए जो कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था पूरे देश में |
और ऐसी छोटी मोटी तमाम उपलब्धियां है जो कि मुझे यहां इस यूनिवर्सिटी  में आने के बाद प्राप्त हुई और जिसका कि मैं आजीवन उन सभी  शिक्षकों और विश्वविद्यालय का तहा उम्र  कर्जदार रहूंगा जो कि मुझे इस लायक बनाया परंतु मुझे अभी और भी आगे जाना है और मैं अपने क्षेत्र और लक्ष्य में तेजी से अग्रसर बढ़ रहा हूं |  मुझे इस विश्वविद्यालय में आने के बाद ऐसा लग रहा है कि जो मैंने सपने देखे थे उनको मैं जरूर पूरा कर लूंगा (डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था सपने वह नहीं होते जो कि हम सोते समय देखा करते हैं सपने वह होते हैं जो कि  हमें सोने ना दे)  और मेरे लक्ष्य प्राप्ति में जो सपने मुझे नहीं सोने देते हैं वह इसी ग्राफिक एरा हिल युनिवर्सिटी के चौखट पर ही पूरा होगा |
By Gourav kant jaiswal

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