भारत में मल्टी-लेवल मार्केटिंग के घोटालों से पर्दा उठाती विचारोत्तेजक पुस्तक ‘मराउडर्स ऑफ होप’ को देहरादून में लॉन्च किया गया

भारत में मल्टी-लेवल मार्केटिंग के घोटालों से पर्दा उठाती विचारोत्तेजक पुस्तक ‘मराउडर्स ऑफ होप’ को देहरादून में लॉन्च किया गया

 अरूणा रविकुमार की पहली पुस्तक का विमोचन प्रबुद्ध व्यक्तित्वों की उपस्थिति में हुआ

देहरादून, – हमारे देश में दो दशकों तक मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीमों की मौजूदगी रही। यह स्कीम्स वित्तीय घोटाले हैं और इन्होंने भोले-भाले लोगों को आय के सरल स्रोत का लालच देकर खूब ठगा। पीड़ितों को सच्चाई का बोध लंबे समय बाद हुआ और धोखाधड़ी करने वालों ने उनके खर्च पर मोटी कमाई की।

‘मराउडर्स ऑफ होप’ देश के सभी संबद्ध लोगों की आँखें खोलने वाली किताब है, जिसे जरूर पढ़ना चाहिये, इस समस्या से विश्वभर के लोग ग्रसित हुए हैं। यह मल्टी-लेवल मार्केटिंग के घोटालों का पर्दाफाश करती है और बताती है कि यह घोटाले क्यों हुए और ऐसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की वृद्धि को रोकने के उपाय बताती है, जो जल्दी पैसा कमाने की इच्छा रखने वाले लोगों को तेजी से धन देती थीं। इस किताब में उन कंपनियों और लोगों के लालच का उल्लेख है, जिन्होंने धोखाधड़ी वाली योजनाएं चलाकर लोगों को खूब चूना लगाया। इसमें यह भी बताया गया है कि ऐसे लोगों को राजनैतिक संरक्षण कैसे मिला और विभिन्न विनियामक तथा कानून लागू करने वाले अधिकारी इन्हें रोकने में कैसे विफल रहे।

शब्दों के प्रति लेखिका के अथाह प्यार ने उन्हें रचनात्मकता के अलग-अलग पहलुओं को तलाशने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने एक पटकथा लेखक, कॉर्पोरेट और डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार, अनुवादक और टेलीविजन प्रस्तोता की भूमिका निभाई। राजनीति और कला, समाचार और विचार, सेलीब्रिटीज और आम आदमी, सामान्य और असामान्य स्थिति उनकी यात्रा का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने उन्हें बहुत रोमांचित किया है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक पत्रकार के रूप में प्राप्त अपने समृद्ध अनुभव से श्रीमती अरूणा रविकुमार ने उन वित्तीय अपराधों को रोकने में नाकामी का जिक्र किया है, जो कुछ लोगों का भला करते हैं, जबकि अधिकतर लोगों की सामाजिक, मानसिक और आर्थिक स्थिति बिगाड़ देते हैं।

अपनी किताब के विमोचन के अवसर पर श्रीमती अरूणा रविकुमार ने कहा, ‘‘पीड़ितों की हृदयविदारक कहानियों और लोगों, परिवारों, समाजों तथा देशों का शोषण करने वाले उपद्रवियों के लालच से उत्पन्न समस्याओं ने मेरे भीतर के पत्रकार को जगा दिया। महीनों तक गहन शोध और साक्षात्कारों के बाद मैंने ‘धोखेबाजों’ के चेहरे से नकाब हटाया। यदि पाठक इसे पढ़कर जागरूक होते हैं, तो मेरा यह प्रयास सार्थक होगा।’’

इस किताब का प्रकाशन ‘द राइट प्लेस’ नामक पब्लिशिंग हाउस ने किया है, जो क्रॉसवर्ड बुकस्टोर्स की एक पहल है। इसका मूल्य 299 रू. है और पाठक क्रॉसवर्ड( (http://bit.ly/mohcwd) और अमेज़न इंडिया (http://bit.ly/mohbuy) से इसकी प्रति ले सकते हैं।

 

राणा डग्गुबाटी, अभिनेता (बाहुबली फिल्म से प्रसिद्ध)

‘‘अरूणा रविकुमार की द मराउडर्स ऑफ होप इस बात की गहन समझ प्रदान करती है कि मल्टी-लेवल मार्केटिंग के घोटालों ने सामाजिक ढांचे को कैसे तबाह किया, विश्वासघात किया और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी क्षति पहुँचाई। इस किताब के माध्यम से अरूणा ने षड्यंत्र को उजागर किया है, सिस्टम की कमियाँ बताई हैं, लोगों पर पड़े इसके असर के बारे में उचित जानकारी दी है। यह कहानी मेरी या आपकी हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए था। आपको जानकारी तक सही पहुंच बनाने की जरूरत है और यह इसमें उपलब्ध है।’’

story by yanshi budakoti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *