एक सफल लेखक वही होता है जिसको पढ़ कर , सुनकर दिल का दर्द खुद-बखुद जुबां पर आ जाए

एक सफल लेखक वही होता है जिसको पढ़ कर , सुनकर दिल का दर्द खुद-बखुद जुबां पर आ जाए.

लिखावट वह कला है जो मन को शांति और खुशी दिलाता है. एक सफल लेखक अपनी शब्दों से पाठकों को शब्दों के सागर में गोता खाने को मजबूर कर देता है. लिखावट वही है जो दिल को सुकून दे. कविता एक ऐसी ही विधि है जिसकी आवाज दिल को शांति देती है और इस विधा में युवा

लेखक रितभ रंजन एक उभरता हुआ बहुत सफल लेखक हैं. रितभ रंजन खाली समय में संगीत और गिटार बजाने में रुचि रखते हैं | रितभ रंजन मूल रूप से बरेली के निवासी हैं और सॉफ्टवेयर इंजीनियर है उन्होंने लिखना स्टार्ट अपने बीटेक के पढ़ाई के दरमियान कर दिया था | इंस्टाग्राम फेसबुक से अपने लिखने की कला को शुरुआत करते हुए आज वह ओपन माइक और स्टेज शो भी करते हैं |


रितभ रंजन का मानना है कि उनके लिखी हुई कविता और शायरी से आजकल के युवाओं में उनके जिंदगी में आए तो कुछ दर्द कम होते हैं |
अगर आप यकीन मानें तो रितभ रंजन की लिखी हुई हर पंक्तियों से साफ-साफ झलकता है

मुझ से पहली सी मोहब्बत, मेरे महबूब, न माँग के गाने से उठया गया ये लाइन (और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा) वास्तिक जीवन में भी माईने रखता है |

रितभ रंजन द झकास से बातचीत करते हुए बताया जब वह लिखना स्टार्ट किए तो उस समय उनके दिल में जो आता था वह लिखते गए | और उनकी दिल की लिखी हुई बातें लोगों को काफी पसंद आने लगे और समय के साथ-साथ   रितभ  ने इसे जारी रखा |
उन्होंने लिखने का उद्देश्य बताया की उनके पंक्तियों से आज की युवा पीढ़ी काफी प्रभावित होता है प्यार में और रिश्तो में आई दरारें रितभ के शब्द उस दरारे को भर्ती हैं और एक एक पंक्ति काफी सुकून दिलाती है |

रितभ रंजन ने बताया वह अभी बहुत छोटे लेखक हैं उनको अभी बहुत कुछ सीखना है और वह अपने मंजिल में लगे हुए हैं

आप रितभ रंजन को इंस्टाग्राम पर और फेसबुक पर scribbling pain पेज पर फॉलो कर सकते हैं

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